Monday, 29 December 2025

धृतराष्ट्र ने विदुर से किस विषय पर चर्चा की Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

महाभारत धन्यवाद महाराज पितामह कैसे हैं विदुर भगवान की कृपा है भ्राता श्री विदुर हम तीन भाई इस दासी पुत्र को भाई मत कहिए महाराज गंगाजल तो गंगाजल ही रहता है विर गागर चाहे सोने की हो या मिट्टी की मां गागर नहीं होती भ्राता श्री बीज अपने आप में तो कुछ भी नहीं होता जब तक उसे भूमि का स्नेह ना मिले बीज अंतरिक्ष में नहीं पनप सकता यदि पृथ्वी का कोई महत्व ना होता तो भगवान ने पृथ्वी बनाई ना होती हम मातृभूमि वाले लोग है प्रता दासी होने से मेरी माता का किसी और माता से नीचा तो नहीं हो जाता परंतु मेरी पहचान केवल मेरी माता है और मनुष्य को अपनी पहचान की डोर कभी नहीं छोड़नी चाहिए तुम इसी कारण मुझे अति प्रिय हो तुम्हारी सोच बिल्कुल सीधी है प्रिय पांडव पुत्रों का कोई समाचार यह समाचार मिला है कि भीम सेन बलराम जी से द यु की कला सीखकर अपने भाइयों से आ मिले और अब सब हस्तिनापुर ही की ओर आ रहे हैं तुम्हारे विचार में उनके आ जाने के उपरांत मुझे क्या करना चाहिए प्रिय युधिष्ठिर को राजा बनाकर वन की ओर प्रस्थान कर लेना चाहिए या फिर उनके राज्य अभिषेक के लिए प्रतीक्षा करनी चाहि तुम तो जानते ही हो कि दुर्योधन कितना हठीला वह अभी तक ठीक से यह समझ नहीं पाया है कि युधिष्ठिर ही को युवराज होना चाहिए तो क्या यह उचित नहीं होगा कि इसे थोड़ा समय और दिया जाए यह निर्णय तो आप ही को लेना है भता श्री और यह निर्णय तो आप लेही चुके कि कुंती पुत्रों के लौटते ही युधिष्ठिर को वारणा वत भेज दिया जाए यह समाचार तुम्ह किसने दिया यह समाचार पूरे नगर को अच्छा तो फिर यह बताओ कि इस विषय में तुम्हें क्या कहना युधिष्ठिर को भेज या ना भेज गंधार नरेश ने सुझाव दिया है तो सोच समझ कर ही दिया होगा महाराज चंद्रमौली भगवान शंकर का उत्सव अनेक जनजातियों के लोग इस उत्सव में ना केवल यह के आते हैं बल्कि बहुत बड़ी संख्या में आते हैं तो फिर वे भी अपने युवराज के दर् कर लेे परंतु मेरे विचार में युधिष्ठिर का अकेले जाना उचित ना होगा क्यों उनके अकेले जाने से लोग यह सोचना आरंभ कर सकते हैं कि राज परिवार में एका नहीं है इसलिए या तो युधिष्ठिर के साथ दुर्य धन और दुशासन जाए कि प्रजा यह देख ले कि गांधारी पुत्रों ने ज्येष्ठ कुंती पुत्र को अपना युवराज मान लिया है या फिर स्वयं भ्राता से चले जाए और प्रजा से उनका परिचय करवाए ऐसा करने से लाभ होगा प्रजा यह सोचने लगी है क्या आपने किसी दबाव में आकर युधिष्ठिर को युवराज बना लिया है पर आपका मन दुर्योधन ही के पक्ष में है जनता के हृदय में इस प्रकार की आशंकाएं राजनीति के लिए ठीक नहीं है भ्राता श्री जन समुदाय को राजा पर संपूर्ण विश्वास होना चाहिए यदि आप साथ ले जाए तो राजनीति का वातावरण ही शुद्ध हो [संगीत] जाएगा तुम्हारा कहना विचारणीय है मैं इस पर अवश्य विचार करूं [संगीत] [संगीत] समस्या क्या है मंत्रियों के सामने तो कोई ना कोई समस्या खड़ी रहती ही है प्र मंत्रियों वाली समस्या को मैं पहचानती हूं यह वो चिंता नहीं है लगता है महाराज ने कुछ ऐसा कह दिया है जिसने आपको चिंता में डाल दिया है ये तुमने कैसे जाना इतने वर्षों से महामंत्री की पत्नी तो क्या चिंता चिंता में अंतर भी नहीं कर सकती राज भवन से आने के पश्चात कही आपको चिंतित देख र हैं तो यह चिंता वहां से आई है ये चिंता जेष्ठ श्री के कक्ष से आई ह तुम ठीक कहती हो मुझे तो इस बात की टो नहीं मिल रही है कि शकुनी जी युधिष्ठिर को वारणा क्यों भेजना चाहते हैं उन्होंने कुरु राज परिवार के विषय में जो कुछ सोचा होगा प्रिय दुर्योधन सोचता तो मैं भी वही हूं जो तुम सोचते हो मैं चाहता भी वही हूं जो तुम चाहते हो परंतु मैं कुछ कह नहीं सकता मारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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