Wednesday, 31 December 2025

भीम और हनुमान जी के मिलन की कहानी Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] महाभारत कृपया अपनी पूछ हटाइए सुना नहीं कृपया अपनी पूछ हटाइए [संगीत] पूछ हटाइए अरे राम का ना नाम लो भाई मुझे विश्राम करने दो पूछ उठते हो कि उठाकर फेंक दू कहा ना भैया राम का नाम लो पूछ हटाते हो कि मैं हटाऊ हटा दो भैया हटा [संगीत] दो [संगीत] हटा दो भैया मेरी यह बड़ी पुरानी अभिलाषा है कि कोई मेरी पूंछ हटा [संगीत] दे मेरे सपने को साकार कर दो भैया इतने तो हट्ट कट्टे हो एक पूंछ नहीं हटा [संगीत] सकते हटाओ हटाओ [संगीत] हटाओ मैं क्षमा चाहता हूं राम का नाम लो भैया पूछ लांग कर चले जाओ ना चला कैसे जाऊं आप कोई साधारण वानर तो है नहीं अपना परिचय दीजिए और अपने दर्शन दीजिए राम का नाम लो कुंती पुत्र सेवक के दर्शन करके क्या करोगे स्वामी के दर्शनों की अभिलाषा करो तो आप श्री राम भक्त पवन पुत्र हनुमान [संगीत] है [संगीत] जय श्री [संगीत] राम पवन तन संकट हरण मंगल मूरति रूप राम लखन सीता सहित हृदय बसह सुर भू हृदय बसह सुर [संगीत] भू [संगीत] यदि मैं पवन पुत्र हनुमान नहीं होता तो तुम्हें बार-बार भाई क्यों कहता किंतु आप मुझे इस दशा में क्यों मिले तुम्हें ये शिक्षा भी तो देनी थी अनुज कि निर्बल और वृद्ध का आदर करना चाहिए और तुम्हें यह भी सिखाना था कि जो आंखें देखती हैं केवल उतना ही सत्य नहीं होता सत्य हर आंख से बड़ा होता है तुमने देखा कि एक वृद्ध वानर लेटा हुआ तुम्हारी बाहों के कस बल को चुनौती दे रहा है और तुमने चुनौती स्वीकार कर ली क्या पता अपनी जीवन यात्रा में तुम्हें किस मार्ग में किस रूप में कौन मिल जाए क्षमा चाहता हूं अब कभी ऐसी भूल नहीं होगी अच्छा अब तुम जाओ हमारा निवास यहां से अधिक दूर नहीं आप वहां चलकर वि श्रम कीजिए और मेरे भाइयों को भी आशीर्वाद दीजिए मेरा आशीर्वाद तो सदैव तुम लोगों के लिए है तो चलकर हमें युद्ध नीति समझाइए क्योंकि हम एक महायुद्ध की तैयारी कर रहे हैं आपने तो रावण मेघनाद और कुंभकर्ण जैसे योद्धाओं को हराया है मैंने युद्ध अवश्य किया था अनुज परंतु जीत हुई थी श्री राम की सत्य और असत्य के संग्राम में दोनों ही ओर से लड़ते योद्धा ही है परंतु विजय सत्य की होती है और पराजय असत्य की इसलिए सत्य को पहचानो और उसे दोनों ही हाथों से पकड़े रहो यही युद्ध नीति है तो क्या आप सत्य और असत्य के युद्ध में सत्य की ओर से युद्ध नहीं करेंगे यह युग मेरे युद्ध करने का नहीं परंतु मेरा आशीर्वाद तुम लोगों के ध्वज के साथ सदैव [संगीत] रहेगा महाभारत महाभारत महाभारत महाभारत हो महाभारत

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