[संगीत] ए हम सब शीघ्र ही सफलता चाहते देर साड़ी संपत्ति और सुख चाहते और ऐसे में कई बार हम छोटे मार्गो का चयन कर लेते वो मार जिम परिश्रम नहीं होता जिम होता है तो केवल जैसे की जुआ कोई धन लगता है कोई दावा लगता है और यह भूल जाता है की जुआ ऐसा दाल तो सर्वनाश से पहले निकालना असंभव है यदि आप जीते तो और जितने की भूख बाढ़ जाए और यदि आप कुछ हर बैठे तो उसे पुनः अपने के लिए आप फिर से खेलेंगे मनुष्य को यह आभासी नहीं होता की अपनी संपत्ति के साथ-साथ वह अपनी मानवता अपने संस्कार अपना धर्म और अपना उत्तरदायित्व सभी जुएं की भेंट चड्ढा देता है इसलिए कुछ पन है तो परिश्रम से जीता तो वह उतना शीघ्र ही को डॉग क्योंकि उसे परिश्रम से पाया नहीं गया है और उसकी रक्षा करने के लिए आपके मां में स्वाभाविक प्रयास भी नहीं होंगे [संगीत] [संगीत] ए [संगीत] [संगीत] [संगीत] है है है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] लीजिए आपका आदेश ना माने वाली दासी दंड के लिए प्रस्तुत है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] प्रतिज्ञा तो तब पूर्ण होगी जब तुम स्वतंत्र हो जाओगे [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] मैं दास दिन रही हूं भूख तो यूं दाल मैं समर की हूं तुम्हारी चौसर पर पड़ा कोई मेर नहीं उठा कर फेक डॉग [संगीत] [संगीत] क्या यह भी गुरु वंश की कोई रीति है [संगीत] [हंसी] [प्रशंसा] तो अब तो स्वयं माता गंगा के पुत्र हैं पितामह वो तो पतित पावनी है [संगीत] [संगीत] अपने प्राणों को डाउट पर लगाने आप तो नीति के मां ज्ञात है काका श्री विधुर तो इस समय आपकी नीति शान महाराज से तो विधाता ने देखने की क्षमता छन ली परंतु होने देगा विरोध करने का साथ अपनी मां की आंखों से देखिए मारा राज आपके पुत्र किस प्रकार मर्यादा वक्त कर रहे [संगीत] हैं सदा अपने स्वामी के आदेश का पालनपुर करना चाहिए और तुम इस समय [संगीत] अभी तक धर्मराज युधिष्ठिर ने मेरे प्रश्न का उत्तर दिया वो ड्यूट में स्वयं को हर चुके थे तूने मुझे अब कहते हैं गुरु ध्वज के नीचे धर्म सांस लेट है तो इस ध्वज को तोड़ने वालों से मैं ये पूछ शक्ति क्या यही धर्म है [संगीत] अपनी पत्नी को भी हर जाए [संगीत] [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] आप सब मुझे कैसे हर गए [संगीत] हैं परंतु एक पत्नी का अधिकार परिवार में सबसे अधिक होता है मनुष्य की मृत्यु पर परिवारजन केवल पत्नी केवल परिवारजन नहीं अरे वह आगे बढ़ाने वाली जननी है उसे जननी को कैसे हर गया [संगीत] [संगीत] धर्मराज युधिष्ठिर ने आप चारों अनुजों से मुझे दावा पर लगाने की अनुमति ली थी [संगीत] यदि नहीं तो फिर कैसे [संगीत] मुझे दावों पर लगाया गया क्या अरे भी आप सब ने इस सभा में उपस्थित प्रत्येक मनुष्य से मेरा प्रश्न करने का अधिकार है परंतु मैं केवल आप सबसे ये प्रश्न करना चाहती हूं की जिसके साथ अग्नि को साक्षी मानकर सख्त पड़ी लिए [संगीत] क्या स्त्री का मां एक खिलौना है की जब मां जहां सजा कर रख दिया या स्त्री का घर ऑन की इच्छा पर चलने वाला दास है क्या स्वयं को श्रेष्ठ सी करने के लिए धर्मपुरुषों को एक तरीका अपमान करने की आप क्या देता है [संगीत] अभी भी स्वयं को स्वतंत्र मानती है और इस संसार की कोई भी शक्ति उसे दासी से दिल हो जो द्रौपदी सम्मान का प्रश्न तो पुरुषों से पूछा जाता है यह पांचो के पांचो यपुसंक कबूतर कैसे नपुंसक को अपना पति बना लिया है मुझे बहुत बड़ा ग रहा है [संगीत] तो मैं वचन देता हूं मैं तुम्हारी सुरक्षा करूंगा मुझे संबंध बना लिया तो ना तो कोई तुम्हारे ऊपर आंख उठाकर देखेगा और नहीं रहेगा [संगीत] [संगीत] [संगीत]
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