[संगीत] हमारे जीवन में दो संबंधों का बड़ा महत्व है क्योंकि दोनों सीधे हृदय से जुड़ते हैं एक मित्रता और दूसरी शत्रुता हदय से जुड़ने वाली मित्रता शत्रुता अधिकतर हमारे वचनों से जन्म लेते हैं जब हम सफलता के कारण अधिक उत्साह में होते हैं या किसी हानि के कारण आक्रोश में होते हैं उस समय हमारे वचनों पर हमारा नियंत्रण नहीं रह पाता ऐसी स्थिति में हम कुछ ऐसा बोल जाते हैं कि सामने वाला उसे हमारा अहंकार समझकर हमसे मित्रता तोड़ देता है या अपना अपमान समझकर हम से शत्रुता साध लेता है क्रोध उस उबलते जल के समान होता है जो शत्रु को जला पाए या ना जला पाए परंतु वह स्वयं को भाव बनाकर अवश्य नष्ट करता रहता है इसलिए मुख से वचन निकालने से पूर श्रेयास करर यही है कि उसे आत्मा के तराजू में तल लिया जाए क्योंकि एक पल में निकला हुआ वचन कई जन्मों तक दंड बन सकते [संगीत] हैं संघर्ष श [संगीत] श [संगीत] हे मुझे क्षमा कर दो मैं अपनी पराज स्वीकार करता हूं क्षमा कर दो मुझे इतने भी बुरे दिन नहीं आए के प्राणों की भीख मांग रहे एक याचक को निराश करू तुम महाराज महाराज के दोषी [संगीत] हो तुम्हारा निर्णय वही करेंगे शमा क्षमा महाराज मैं अपनी पराजय स्वीकार करता हूं आदेश दीजिए महाराज क्या करना है इस दुष्ट पापी [संगीत] का [संगीत] बहन लला युद्ध में साथी का महत्व महारती से कम नहीं होता यदि आज तुमने चतुराई से रत नहीं चलाया तो मैं अपने पूर्ण कौशल का उपयोग नहीं कर पाऊंगा मुझे आज महामहिम महाबली कंड और महान द्रोण जैसे महारथियों को परास्त करना है और ज्ञात रहे जिस गति से मेरे बान चले उसी गति से यह रथ चलना चाहिए जो आदेश युवराज मैं प्रयास करूंगी कि आपको नराश ना [संगीत] करूं यह सामने क्या है रत की गति बढ़ाओ बहन लला मुझे स्पष्ट नहीं दिख रहा है क्या यह कोई चक्रवात है नहीं युवराज यह धूल है य हस्तिनापुर की विशाल सेना के पद संचालन से उड़ रही है क्या हस्तिनापुर की सेना इतनी [संगीत] विशाल [संगीत] थाम शम ज या [संगीत] म ठर लला मैंने कहा र को भनला समाग [संगीत] ू मैंने कहा था ना दुर्योधन ये पांडव उत्तरी दिशा से ही बाहर आएंगे वो र देख रहे [संगीत] हो कदाचित उसी रथ में छिपकर भाग रहे हैं भगोड़े आ जो भी हो यह पांडव सदा अचंभित करही देते हैं की इतनी बड़ी सेना के समक्ष केवल एक पांडव पुत्र दुर्भाग्य दुर्भाग्य दुर्भाग्य केवल अब चार पांडव वन में जाएंगे क्योंकि एक का आज ही अंत हो जाएगा य [संगीत] ठहरो सारथी क्या हुआ युवराज आपने रोकने के लिए कहा हा तुम्हें सुनाई नहीं देता मैंने कहा रद रोको [संगीत] यह रत अचानक अचानक रुक क्यों [संगीत] गया क्या हुआ युवराज आपने रोका क्यों शत्रु हमारी प्रतीक्षा कर रहा है अपने बाणों का स्वाद चकने का सौभाग्य दीजिए उन्हें तु मूर्ख हो बहन लला अरे माना मैं वीर हूं परंतु इतनी विशाल सेना से युद्ध करना तो आत्महत्या है देखो दाए से बाए तक जहां दृष्टि जाती है हस्तिनापुर की सेना फैली हुई है देखो वो दूर शति तक घेर लिया है उन्होंने प्रियन लला मुझे लगता है कि हमें सेना के साथ आना चाहिए कौन सी सेना युवराज इस मत से में यदि कोई महारथी शेष है तो वो केवल आप है परंतु इतने महारथियों और इतनी विशाल सेना के समक्ष तो मैं पल भर भी नहीं ठहर पाऊंगा नहीं तुम रात को पुनः महल ले चलो नहीं युवराज ऐसा सोचना भी अधर्म है आप विराट नकर के युवराज है भूल गए महारानी और कुमारी उत्तरा को क्या वचन दिया था आपने [संगीत] इस समय प्रजा की एक मात्र आशा आप है परंतु यदि आप कार की भाती भाग निकले तो विराट नगर पर आपके कुल के मस्तक पर भयंकर कलंक लग जाएगा वो देखिए शत्रु हमारे समक्ष खड़ा ललकार रहा है हमें धर्म निभाने का समय आ गया है युवराज धनुष उठाइए युवराज पुरुष [संगीत] उठाइए युवराज रुक जाइए कायता मत दिखाइए शत्रु को पीठ दिखाकर भागना एक सबसे बड़ी मूर्खता है एक योद्धा के लिए सबसे बड़ा पाप है पाप सह लूंगा परंतु इस के वान नहीं से पाऊंगा मुझे नहीं कलवाना योद्धा मुझे अपने प्राण अधिक प्रिय है मैं तुम्हें भागने नहीं दूंगा कुमार भागने नहीं [संगीत] दूंगा ठ युवराज मैं कहती हं ठ कायर मत बनिए युवराज रुक [संगीत] जाइए ये कैसे हो सकता है ये तो वापस लौट रहा है माम श्री आपने तो कहा था कि ये ये योजना सफल होगी पांडव इसी द्वार से आएंगे परंतु ये तो उल्टे पाव लौट रहे हैं नहीं ये पांडव हो ही नहीं सकते क्योंकि पांडव पांडव अपने शत्रु को पीठ दिखा के नहीं भाग सकते हो सकता है दुर्योधन की यह पांडव ना हो परंतु पांडवों के पास हमारे समक्ष प्रस्तुत होने के अतिरिक्त और कोई मार्ग है ही नहीं अब भाग नहीं सकते कुमार कोई और मार्ग नहीं है ब लला मैं इतनी शक्तिशाली सेना से युद्ध नहीं कर सकता परंतु मेरी दृष्टि में युद्ध के अति कोई मार्ग [संगीत] नहीं [संगीत] मुझे जाने दो मुझे जाने दो बला मेरी तुमसे प्रार्थना है मुझे नहीं मरना मुझे अपने प्राण नहीं दे दे यह समय रोने का नहीं है युवराज क्या कहा था आपने आप एक योद्धा है और एक योद्धा मृत्यु का सामना हस करर करता है मृत्यु के भै से रोता नहीं और किस बात से भय भीत है आप आप अकेले नहीं है तुम्हारी मती तो नहीं मारी गई है अकेले ही तों मैं बनला देखो चारों कहां है सेना कौन देगा मेरा साथ मैं मैं दूंगी आपका साथ तुम तुम्हारा साथ किस काम का तुम तो एक किन्नर [संगीत] हो नहीं उत्तर मैं कौन ते [संगीत] अर्जुन पशुपति धारी ब्रह्मास्त्र धारी [संगीत] अर्जुन [संगीत] चतुर में असंभव [संगीत] सत्य कल्पना से अधिक आश्चर्यजनक होता है कुमार मैं सत्य में अर्जुन और मेरे जेष्ठता श्री युधिष्ठिर इस समय कंक वेश में तुम्हारे पिता श्री की सहायता कर रहे हैं और जो तुम्हारा प्रधान रसोइया है वो कोई और नहीं महाबली शक्तिशाली भीम और जो ग्रंथि तुम्हारी अश्व शलाला अनुज नकुल है और जो तुम्हारी गौशाला संभालता है कोई तांती पाल नहीं [संगीत] मेरा अनुज सहदेव और तुम्हारी माता की दासी सरेंद्र स्वयं याज्ञ सेन पांचाली हम पांचों भाई यहां अज्ञात वास में परंतु इस अज्ञात वास में तुम्हें तुम्हारे साहस का ज्ञान कराना कदाचित हमारा प्रारब्ध है महाबली महा धनोदी अर्जुन मुझे क्षमा कर दीजिए महान नोधारी अर्जुन मैंने आपका निरादर किया मुझसे भूल हुई यह तुम्हारी भूलने हमारी सफलता है तुमरा वा रूप पहचान नहीं पाए परंतु भविष्य में किसी को छोटा समझकर उसका निरादर करना सबसे बड़ी भूल होगी मनुष्य भिक्षुक हो या राजा सबसे पहले मनुष्य होता है और हर मनुष्य को सम्मान पाने का अधिकार है यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आपका साथ मिला अब मेरे लिए क्या आदेश है आदेश नहीं निवेदन है जिस मतस्य ने हमें शरण दी उसका आदर बना रहे इसलिए हमें पुनः रणभूमि लौटना है आपको अपने साथ पाकर मुझ में साहस जाग गया है चलिए विराट के शत्रुओं का नाश कर देते हैं इस सी परंतु महा बलियो का सामना करने के लिए हमें कुछ वस्तुओं की आवश्यकता होगी उस वृक्ष पर लटके श्वेत वस्त्र में हमारी कुछ वस्तुएं [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] अब समय हो गया हमें रणभूमि में लौटना होगा मैं और प्रतीक्षा नहीं कर सकता मामा श अब तो सूर्यास्त भी होने वाला है एक रथ आ रहा है [संगीत] [संगीत] [संगीत] य तो एक एकिंग है स्त्री है ये तो प्रेरणा ला है देख रहे हैं माव [संगीत] श्री विराट नगर का युवराज सारथी बना हुआ है और और वो भी एक एक स्त्री का ना ना ना ना ना ना स्त्री का नहीं दुर्योधन एक किन्नर का [संगीत] किनर ऐसे तुमसे युद्ध करना मेरा और हसनापुर के मान का अपमान है परंतु फिर भी मैं बता दूं कि मैं यहां विराटनगर से युद्ध करने नहीं आया मुझे केवल केवल पांडव चाहिए मार्ग से हट जाओ पचित भूल रहे हो युवराज जिसके हाथ में धनुष होता है उसका परिचय उसका कौशल देता [संगीत] है तुम्हारे सामने एक योद्धा खड़ा है विराट नगर की सीमा पार करने से तुम्हे मुझसे युद्ध करना होगा विजय पानी होगी मुझसे कल्पना अच्छी है किन्नर परंतु एक किन्नर से युद्ध करना देख वज देख वजय दुर्योधन के समान के विरुद्ध है परंतु फिर भी यदि युद्ध करने की इच्छुक ही हो तो पहले अपना परिचय दो कौन कौन हो कौन तुम प्रला प्रला नाम है मेरा अब तक तो कुमारी उत्तरा की संगीत शिक्षिका थी परंतु इस समय विराट नगर की रक्षिका हूं [संगीत] मैं द्वंद से पूर्व महान महारथी भीष्म और महान आचार्य द्रोण को मेरा प्रणाम हो सकता है यह भेस बदले कोई पांडव ही [संगीत] [संगीत] हो
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti
[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...
-
[संगीत] महाभारत प्रता श्री आपने सु शर्मा को ऐसा वचन क्यों दिया मेरे वचन पालन करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता अनुज तुम क्या समझते हो कि स...
-
महाभारत इच्छा है तुम्हारी बस इसने तो एक ही रट लगा रखी है केशव इसे तो आपको गुरु बनाना है वस इस देश में गुरुजनों की क्या कमी है तुम हमें ह...
-
[संगीत] किंतु मेरे परिवार पर से किस पर संकट आने वाला है ऋषिवर बताइए ना ऋषिवर संकट किस पर होगा यह सोचने के स्थान पर तुम्हें यह सोचना चाहि...
No comments:
Post a Comment