Wednesday, 7 January 2026

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर साल एन गुरु सन विश्वास [प्रशंसा] तीनों [संगीत] रूप [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] रानी कर्मणा थारी [प्रशंसा] ओम नमः श्वेतांबर पीतांबर बीक भर आऊंगी सरकार देख सरकार [प्रशंसा] मंडल [संगीत] जग पालनपुर करता हूं [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार त्रिगुण स्वामी जी की आरती जो कोई आवे कहते शिवानंद स्वामी कहते शिवानंद स्वामी मां वंचित फल पाव ओम नमः [संगीत] स्वामी [संगीत]

ॐ जय शिव ओंकारा Om Jai Shiv Omkara महाशिवरात्रि स्पेशल हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिव ओंकार स्वामी जय शिव प्रभु जय शिव ओमकारा [संगीत] ब्रह्मा विष्णु भगवान [प्रशंसा] जय शिव ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसने गरुड़ तन हर साल एन गुरु सैन विश्वास [प्रशंसा] [संगीत] रखता तीनों रूप की रखता त्रिभुवन जैन मोहे ओम नमः रुंडी मारी [संगीत] त्रिपुरारी कंसारी त्रिपुरा सारे कर्मणा थारी ओम नमः श्री तांबर पीतांबर पर आऊंगी [संगीत] टांका दिख ब्रा देख संगे ओम नमः [संगीत] जग पालन करता हूं जय शिव ओमकारा ब्रह्मा विष्णु सदा शिव चैट आवे [संगीत] जो कोई [संगीत] शिवानंद स्वामी कहते शिवानंद स्वामी मैन वंचित फल पावे [प्रशंसा] [संगीत] ब्रह्मा विष्णु सदा शिव ब्रह्मा विष्णु

होली पर्व के लिए विष्णुदेव कैलाश पर आये Hitanshu Akanksha Puri Vighnaharta Ganesh Episode 177

हरता श्री गणेशा श्री गणेशा श शिव गौरी सं होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी मोरी [संगीत] शव अब विद ज्ञाता पर ब्रह्मा ब्रह्मा ब्रह्मा अब विद ज्ञाता पर ब्रह्मा की बारी मंत्रों की वर्षा कर वीणा की धारी दृश्य ये कैसी दृश्य ये कैसा मनोहारी कैलाश में आई है कण की टोली होली है होली है होली [प्रशंसा] है होपा जी बुआ जी आप हमारे साथ रंगोत्सव मनाने आएंगे [संगीत] ना अवश्य होली है शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिव शंभू संग होगी होरी शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिव शंभू संग होगी होरी अद्भुत [संगीत] आदम अद्भुत अदम आया स्वर्ग का द्वारा अग्नि वरुण संग पवन देव राजा मृत्य करत मृत्य करत अप सरारी कैलाश में आई है गण की [संगीत] टोली प्रथम पूज्य गणेश जी कुमार कार्तिकेय आपके इस रंग भरे आगमन से मैं अचंभित हूं और आनंदित भी देवराज माता शची और सभी देवगण आप सभी हमारे साथ होली के रंगों का उत्सव मनाने आएंगे ना निस अवश्य अवश अवश्य अवश्य होली है हर हर महादेव महादेव माता पार्वती और आप दोनों के संग पर होली मनाना यह तो हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी गणेश जी हम अवश्य आएंगे होली है होली है [प्रशंसा] ऊर्जा दीप्त य दिनकर की ऊर्जा निराली विश्व समस्त में भई उजियारी सत शवों की [संगीत] सप्त शवों की सवारी कैलाश में आई है गण की टोली सूर्यदेव माता संजा आपको हम होली के उत्सव के लिए आमंत्रित करते हैं आप हमारे साथ होली के रंगों का उत्सव मनाने आएंगे ना अवश्य होली है है शिव गौरी संग होगी होरी कला में शिव गौरी संग होगी होरी शीतल शशी [संगीत] भोले शीतल शश भोले शिश पे साजे उन म मावस निशा लावे रूप पे जाऊं रूप पे जाऊ बलिहारी कैलाश में आई है गड़ की टोली शिव शंभू संग होगी होरी कैलाश में शिवशंभू संग होगी हो होली हैली है कौन मेरे तक क्षेत्र में कोलाहल करने का दुस्साहस कर रहा है [संगीत] कदाचित मेरे क्रोध और शाप का भय [संगीत] नहीं होली है आज तो होली है रंगों का उत्सव आज तो बहुत आनंद आएगा हर हर [प्रशंसा] महादेव [संगीत] गणेश होली की शुभकामनाएं अनुज आपको भी होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं भैया भैया आज तो आनंद के रंगों की बौछार होगी कैलाश पर चलिए पिताश्री का अभिवादन कर उन्हें भी होली की शुभकामनाए दे दे और उनसे आशीर्वाद भी ले ले हां हां अनुज अवश्य वो तो व्यस्त भी हो होंगे इतने अतिथि जो आने वाले हैं हमें तो जाकर उनकी सहायता भी करनी चाहिए हां [संगीत] भैया यह क्या भैया आज होली के दिवस भी पिता श्री ध्यान में ही लीन है इतने अतिथि आने वाले हैं यहां कैलाश पर फिर भी पिता श्री ध्यान मगन है गणेश वहां मां अकेली सारी व्यवस्थाएं कर रही होंगी हमें उनका सहयोग करना चाहिए हां [संगीत] भैया अरे मां भी यही है वो भी पूजा कर रही है पिता श्री उधर ध्यान में है और मा इधर पूजा में तो यहां व्यवस्था कौन कर रहा है अतिथियों का सत्कार कैसे होगा भैया कैलाश में होली का उत्सव भली भाति कैसे संपन्न होगा अब हम क्या करें भैया गणेश मुझे तो पूर्व में ही आभास था कि ऐसा ही कुछ होगा ना पिताश्री अपना ध्यान छोड़ सकते हैं और ना मां अपनी पूजा किंतु तुम चिंता मत करो मैंने पूर्व में ही सभी कार्यों की एक सूची बना ली थी सेनापति जो है भैया सब कुछ सोच समझकर ही कार्य करते हैं [हंसी] अरे वाह भैया यह तो अति उत्तम है यह मत भूलो गणेश अग्रज हूं तुम्हारा मैं ही तुम्हें सभी कार्यों में आगे रहने का अवसर देता हूं यह तो सर्वथा सत्य है भैया कि आप अग्रज है मेरे आपकी योग्यता पर भला किसको संदेह हो सकता है अच्छा चलो अब आगे की व्यवस्था करते हैं इस सूची में सर्वप्रथम है [संगीत] भोजन [संगीत] भोजन उचित है भोजन की व्यवस्था तो अति उत्तम है भोजन तो सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है इतने स्वादिष्ट मोदक भोजन की व्यवस्था तो अति उत्तम है भैया सुन जी अरे नहीं नहीं गणेश अभी और भी कार्य करने हैं अभी थोड़ा धीरज रखो भोजन बाद में अभी तो हमें कैलाश को सज्जित करना [संगीत] है अति उत्तम नंदी जी गण जी यह क्या अभी तक आपने इन दीप कों को प्रज्वलित नहीं किया अतिथि किसी भी क्षण आते ही होंगे शीघ्रता कीजिए [संगीत] आइए [संगीत] अति उत्तम शृंगी जी किंतु इन शिला खंडों को भी फूलों से सज्जित कर दीजिए [संगीत] अवश्य उचित है सज्जा सर्वथा उचित है गणेश सभी अतिथियों का आगमन यहीं से होगा इसीलिए उनके स्वागत के लिए किसी को तो यहां रहना ही होगा और क्योंकि सभी को आमंत्रित हमने ही किया है तो उनके स्वागत का भी दायित्व तो हमारा ही है है ना यह तो उचित है भैया किंतु रंगोत्सव के अवसर पर स्वागत भी तो रंगों के साथ ही होना चाहिए ना उचित है किंतु भैया इस घुंघरू की ध्वनि से से तो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यहां किसी देवी का आगमन हो रहा है ऐसे में तो हम उन पर रंग कैसे डाल सकते हैं भैया गणेश देवी का नहीं घुंगरू का स्वर है यह जो तोतला जी कर रहे [संगीत] हैं उनका कोई विशेष कार्य कर रहे हैं वह हमें भी अपना कार्य नहीं करना चाहिए क्या अरे गण जी यह क्या कर रहे हैं आप शीघ्रता कीजिए अतिथि आते ही होंगे [संगीत] गणेश ये गणेश कहां चला [संगीत] गया होली में यद तं ना हो तो न य ताले तो मैं ही तलू तब तो बती बात नहीं है [संगीत] समया सु तो बली आती है यह दया [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] दुल एक बाल मीता दे लेता हूं ते नहीं माता ने ता ताला ताल उत्तम होना चाहिए तो तो अति उत्तम होना चाहिए [संगीत] मल बम ला मता में ला दूल मिलाना [संगीत] होदा उ पकल देता हूं मता तो ना लाल महादेव आया आनंद अब बहुत [संगीत] अ तोतला जीय आप क्या कर रहे हैं [संगीत] तोतला जी [संगीत] इधर बहुत अ ने मे पाले मैं ने तो भी ताता हू देता उ ब ला जी य सब आप ल मैं आता [संगीत] हूं ये क्या कर रहे हैं तोतला [संगीत] जी यह कर क्या रहे तोतला जी तल तलना ये क्या हो गया इन्ह बोला ना [संगीत] नहीं अरे अरे तला जी अरे अरे [संगीत] संभालिए देता देना मैंने एक बूंद भी धंदा ही नहीं दिलने दी मैं ं बना था आप भी ते [संगीत] थम द्वितीय तृतीय [संगीत] नी है तो ल ताल मेरे पास तो ती पातल तालो तो तेते दू दीजिए ना तोतला जी आप रुक क्यों गए ते आप तो लाता ताल ताला अ न आपके लिए तो मैं भी दिया आप लीला हम य तो लीला यह सब मेरी नहीं इस ठंडाई की लीला है तोतला जी अति उत्तम बनी है तोतला जी अति उत्तम गणेश तुम अभी भी भीतर क्या कर रहे हो मामा जी मामी जी फूफ जी बुआ जी सभी आ रहे हैं चलो शीघ्रता करो आओ उनके स्वागत के लिए अरे वाह अतिथियों का आगमन भी हो रहा है अर्थात रंगोत्सव प्रारंभ होने वाला है मैं आ रहा हूं भैया उचित है आप ठंडाई बनाते रहिए तोतला जी य लीजिए आप लाए मैं तं बनाता हूं [संगीत] वैसे इंद्रदेव हम सबका यहां आने का और साथ में कैलाश चलने का विचार अति उत्तम है सूर्यदेव चलेंगे तो तब ना जब यह देवियां बाहर आएंगी इन्ह तो ज्ञात ही नहीं है कि हमें विलंब हो रहा है और वहां वो उत्सव प्रारंभ होने ही वाला है स्वामी [संगीत] नि सा सा रे रे सा सा निनी सा सा रे रे सा सा सा सानी सा शीघ्र क्यों आ गई थोड़ा सा और समय लगाती स्वामी आप सभी देवता य कब समझेंगे कि हम देवियों को थोड़ा अधिक समय लगता है तैयार होने [संगीत] में किंतु उस विलंब का परिणाम भी सुंदर ही होता [संगीत] है चंद्र [संगीत] देव चंद्रदेव [संगीत] आप के सौंदर्य दर्शन पूर्ण हो चुके हो तो हम प्रस्थान कर ले हां हां अनुज [संगीत] चलो पुत्र कार्तिकेय पुत्र गणेश यह तुम दोनों की प्रथम होली है इसीलिए सर्व प्रथम रंगोत्सव का आरंभ तो तुम्हें मुझसे ही करना चाहिए अवश्य [संगीत] मां नि स ग नि स नि सा ध नि स नि स ग नि स नि सा रे स [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] नि [प्रशंसा] [संगीत] इस गुलाल के रंगों की तरह तुम दोनों का जीवन हर्ष के सभी रंगों से भर जाए तुम्हारे भाग्य और भविष्य उज्जवल हो संसार में तुम दोनों की प्रतिष्ठा सदा स्थापित रहे यही मेरा आशीर्वाद है पुत्रों [संगीत] प [संगीत] स रे प्रणाम पिता [संगीत] श्री कल्याण हो पुत्रों रंगों के इस पर्व में मैं तुम्हें आशीष देता हूं जीवन में सभी रंगों को समान रूप से स्वीकार करो और सभी के जीवन को सुखों से भर [संगीत] दो प्रणाम माता प्रणाम प्रभु माता श्री नारायण और माता लक्ष्मी पधार रहे हैं अरे तब तो हमें जाना चाहिए उनका स्वागत तो हमें ही करना है ना भैया ठीक उसी प्रकार जैसा हमने सोचा है हा हां अनुज [संगीत] चलो ओ मां क्या हुआ नाथ ओ मां तुम कुछ भूल रही [संगीत] हो मैं तो कुछ नहीं भूली नाथ अच्छा मुझे गुलाल लगाना नहीं भूली [संगीत] नहीं स्वामी मैंने तो आपका तिलक कर दिया दिया है शिवलिंग का तिलक तो आप ही का तिलक हुआ ना [संगीत] [संगीत] नाथ आनंद के इन पलों के पश्चात तो एक दीर्घ तपस्या है देवन बहुत विलंब हो चुका है हमें गति बढ़ाकर शीघ्र पहुंचना चाहिए रावत वेग बढ़ाओ [संगीत] अपना स्वामी इतनी भी तीव्र गति की क्या आवश्यकता है हम ऐसे भी कैलाश पहुंच जाएंगे देवी सची आप भत मत होइए य वराज इंद्र के होते आपको कुछ नहीं होगा आप बस अपना संतुलन बनाए रखो [संगीत] [संगीत] रावत देवगन पर्धा में आप सभी पीछे छूट गए हैं कदाचित आपको अपने अपने वाहन उत्तम करने की आवश्यकता है इंद्रदेव पीछे मत देखिए मार्ग में सदैव आगे देखकर चलना चाहिए अन्यथा असावधानी हो [हंसी] [संगीत] जाएगी दुर्वासा य [संगीत] रावत यह अचानक इंद्रदेव को क्या हो गया रुक जाइए सभी रुक [संगीत] हुआ नाथ हम रुक क्यों गए ऋषि दुर्वासा ऋषि दुर्वासा शिव गौरी संग होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी होरी शिव गौरी संग होगी होरी कैलाश में शिव गौरी संग होगी होरी शिव शंभू हर हर [संगीत] महादेव प्रणाम मामा जी और मामी जी प्रणाम भ्राता नारायण प्रणाम देवी लक्ष्मी होली के शुभ अवसर पर कैलाश में आप दोनों का स्वागत है प्रणाम देवी पार्वती हम भी यहां आकर अति आनंदित [संगीत] हुए [संगीत] क्या हुआ नाथ हम यहां रुक क्यों गए और आप और आप सभी इतने चिंतित क्यों है य भी सची ऋषि दुर्वासा है जब ये अपने क्रोध के आवेग में बहते हैं तो जब तक किसी को श्राप नहीं दे देते शांत नहीं होते और उनका क्रोध कब और किस बात पर जागृत हो जाए यह किसी को ज्ञात नहीं इस समय भी वह ध्यान में मगन है हमें कैलाश पर जाने के लिए उनके स्थान से होकर जाना पड़ेगा इसमें उनका ध्यान भंग हुआ तो व अवश्य क्रोधित हो उठेंगे और फिर हम सभी उनके शाप के भागी बनेंगे आइए संग होरी रे कैलाश में आ ू मची अस संग कीको से आ संग होली होली है तो अपने मामा जी के लिए यह योजना थी इन दोनों [संगीत] की भ्राता नारायण इस प्रकार शांत क्यों खड़े हो गए रुकिए आप सभी [संगीत] नहीं यह उचित नहीं हुआ ऋषिवर का ध्यान भंग हो ही गया कहीं रिसीवर के मुख से हमारे लिए शाप ना निकले [संगीत] अब जो भी होगा उसका परिणाम हमें भुगतना ही [संगीत] होगा [संगीत] [संगीत] स्वामी मामा जी क्रोधित हो गए क्या कहीं हम उनके साथ अपनी सीमा तो नहीं लांग गए हमें उनसे क्षमा मांग लेनी चाहिए मामा जी गणेश कार्तिके क्या अतिथियों का स्वागत ऐसे किया जाता है स्वामी कहीं गणेश और कार्तिक से क्रोधित तो नहीं पिताश्री का क्रोध कहीं भयंकर रूप ना ले ले पिता श्री का क्रोध कहीं रंग के उत्सव में भंग का उत्सव ना हो जाए सामने आए संकट से भयभीत नहीं होना चाहिए अपितु सूझबूझ से उसका सामना कर हल निकालना

होलिका और प्रहलाद ने अग्नि में प्रवेश किया Sankat Mochan Mahabali Hanuman 349 Pen Bhakti

[संगीत] बस हरि हरि हरि थक गया हूं तुम्हारे मुख से यह नाम सुनते सुनते उस हरी का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है तुम पर पर यह मत सोचो कि वो छलिया हर बार अपनी दिव्य शक्तियों से तुम्हारी रक्षा करेगा इस बार मैं ऐसा प्रबंध करूंगा कि तुम उस हरि का नाम भूलने पर विवश हो जाओगे वह मुख है क्या जो हरि नाम का उच्चारण ना करे वोह हाथ ही क्या जो श्री हरि को पुष्प अर्पित ना [संगीत] करे वो हथेली ही क्या जो श्री हरि के भजन में करताल ध्वनित ना करे और वो कर्ण ही क्या जो हरि का नाम श्रवण ना करे और वह नेत्र ही क्या जो हरि दर्शन के अभिलाषी ना [संगीत] हो और वह पिता ही क्या जो पुत्र को हरि भक्ति का पाठ ना सिखाए बस स्वामी नहीं स्वामी और नहीं सह सकता मैं सेनापति जी महाराज इस पित्र द्रोही अधम बालक [संगीत] को मृत्यु दंड दिया जाए दिया मैं आपसे विनती करती हूं ऐसा मत करिए ऐसा मत करिए आपका पुत्र है पुत्र नहीं है मेरा ये उठिए मां नहीं है मेरा उत्तराधिकारी यह कोई दुष्ट आत्मा है जिसका जन्म हमारे वंश का नाश करने के लिए हुआ है सेनापति अभिल जाओ और समाप्त कर दो इसकी जीवन लीला वध कर दो इसका नहीं स्वामी नहीं ऐसा मत करिए [संगीत] एसा अनथ मत कीजिए [संगीत] स्वामी प्रहलाद मत लेकर जाने दीजिए उसे प्रलाद छोड़ स्वामी प्रला माता प्रभु का कोई सर्वोत्तम भक्त हुआ है तो वो है प्रहलाद माता-पिता का सर्वश्रेष्ठ पुत्र हुआ है प्रहलाद इतना अद्भुत बालक था वो हां हनुमान परंतु मैं उसी के समान एक और अद्भुत बालक से परिचित हूं कौन माता क्या वह भी भक्त प्रहलाद के समान महान है माता मुझे उनके विषय में कुछ बताइए ना माता परंतु उससे पूर्व हनुमान भक्त प्रहलाद की पूर्ण कथा जानने के लिए है माता क्या भक्त प्रहलाद बड़ी ही कठिनाइयों में पड़ गए उनके स्वयं के पिता श्री ने तो उनके वद का आदेश ही दे दिया था माता अपने महाराज हिरण कश्यप के आदेशा अनुसार सैनिकों ने उसके वध के लिए भयानक योजना को क्रियान्वित कर दिया था [संगीत] [संगीत] नारायणा नारायणा हरि दीन दयाला [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नारायणा नारायणा नारायणा हरि केशव कृपाला [संगीत] नारायणा [संगीत] [संगीत] [संगीत] नारायणा नारायणा हरि दीन दयाला [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नारायणा नारायणा नारायणा हरि केशव कृपा ला [संगीत] [संगीत] नारायणा दाब सहस्त्र रूप अनेक श्री नारायण विष्णु [संगीत] हरि कण कण में तुम्हरा वास है संकट विमोचन [संगीत] पीतांबरी ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणा य नम फिर क्या हुआ माता प्रभु श्री हरि के भक्त को कोई हानि कैसे पहुंच सकती थी वो भी सागर में जो स्वयं माता लक्ष्मी जी के मायका के समान है और जहां प्रभु हरि भी स्वयं निवास करते हैं ऐसे स्थान में तो प्रभु हरि के अनन्य भक्त की सुरक्षा अवश्य होनी [संगीत] नारायणा नारायणा हरि श्री श्री पाला नारायणा नारायणा नारायणा हरि श्री श्री पाला नारायणा अद्भुत प्रभु की लीला अपरम पार है प्रतिक्षण अपने नन्हे से भक्त प्रहलाद की सुरक्षा कर रहे थे परंतु इतना सब घटने के पश्चात हिरण्य क शप का सत्य से परिचय हो ही गया होगा माता जो प्रभु विष्णु जी को प्रिय है और जिन्हे उनका आशीष प्राप्त है उनका तो कोई बाल भी बाका नहीं कर सकता माता जिस मस्तिष्क पर अहंकार और द्वेष जैसी कुत्सित भावनाओं का प्रभाव हो पुत्र जो प्रक्ष प्रमाणित होने के पश्चात भी सत्या अवलोकन करने में असमर्थ हो जाते हैं और हिरण कश्यप की बुद्धि उसके अहंकार ने भ्रष्ट कर दी थी व अब भी नहीं देख पाया था कि प्रभु विष्णु जी प्रत्येक संकट में अपने भक्त की रक्षा कर रहे थे तो क्या हिरण्य क शप ने अपने पुत्र भक्त प्रहलाद के जीवन को नष्ट करने का प्रयास नहीं छोड़ा माता उसके विपरीत जब उसे हुआ कि उसके सैनिक प्रहलाद का वध करने में असमर्थ रहे तो उसने एक और भयानक योजना बनाई वह अपनी अति निर्मम अति क्रूर पिशाच वृत्ति युग अति विकराल भयंकर शमशान में विचरण कर शवों का भक्षण करने वाली अपनी कुटिल बहन राक्षसी होलिका के पास पहुंचा [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] स्वागत है मेरे भ्राता श्री इतने लंबे अंतराल के बाद मेरे सर्वशक्तिमान भ्राता हिरण्य कश्यप को अपनी इस बहन होलिका का स्मरण कैसे हो आया तो क्या आप मेरे रात्रि के भोजन में सम्मिलित होने के लिए पधारे हैं भ्राता श्री नहीं बहन एक अति आवश्यक कार्य में मुझे आपकी सहायता चाहिए कैसा कार्य भ्राता श्री मेरे परम शत्रु मेरे कुपुत्र दुष्ट बालक प्रहलाद का वद हो प्रणाम [संगीत] हे नाथ यह अनर्थ होने से रोक लीजिए अन्यथा स्मरण रहे कि अपने पुत्र के साथ साथ आप अपनी पत्नी को भी खो देंगे मेरी गुहार सुनिए स्वामी अपने पुत्र पर दया कीजिए आपका अपना अंश एक अबोध बालक है [संगीत] वो क्षमा कीजिए उसका बाल हट स्वामी होलिका के इस दिव्य वस्त्र का आवरण उन्हें प्रचंड अग्नि में भी सुरक्षित रखता है परंतु प्रहलाद तो इस अग्नि के प्रज्वलित होते ही भस्म हो जाए ओ नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः पिताश्री जब आप मुझे प्रभु श्री हरि का नाम नहीं लेने का आदेश देते हैं तब आप भी मेरे साथ उनका नाम स्मरण करते हैं हम दोनों प्रभु को स्मरण कर एक साथ उनके पुण्य के भाग बनते हैं इसीलिए तो मैं आपसे श्री हरि की शरण में आने का निवेदन हरि हरि हरि एक पित्र द्रोही कुपुत्र के माता-पिता कहलाने से तो निसंतान रहना अधिक उत्तम है उस कुल द्रोही के लिए शोक मत कीजिए देवी मैं अपने नेत्रों के समक्ष यह अनर्थ होते हुए नहीं देख सकती स्वामी अपने कुल दीपक को जीत भस्म होते हुए नहीं देख सकती यदि आप यह दृश्य नहीं देख सकती तो आप यहां से जा सकती है ओम नारायणाय नम [प्रशंसा] सेनापति प्रज्वलित कर दो इस चिता को और जलाकर भस्म कर दो इस कुल घाती पित्र द्रोही दुष्ट हरिभक्त बालक को ओम नारायणा नम ओम नारायणाय नमः महाराज ये क्या अनर्थ करने जा रहे हैं अपने ही पुत्र को भस्म करने जा रहे हैं अरे क्या खर अ नम ओम नारायण नम ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओमय नम हम सभी के लिए एक ही भगवान होंगे भगवान श्री हिरण्य [संगीत] कशि ओ नारायणाय नम ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः नहीं करत प्रभु भक्तन पर छाया दैत्य राज ये समझ ना पाया झुंझ लाया तब राक्षस राज होल का अब अंतिम वास सत्य का साथ प्रभु श्री करता भक्त प्रहलाद के कष्ट हरता करें कपी श्री हर का सुमिरन श्री विष्णु वंदन अभिनंद रक्षा करिए मेरी नी मुझे जला रही है रशा [संगीत] [संगीत] करिए बचाओ कोई रक्षा करो मेरी बचा मुझे रक्षा करो मेरी राधा रक्षा करिए मेरी ये अगनी मुझे जला रही है [संगीत] ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओम नारायणाय नमः ओ नारायणाय नमः ओ नारायण नम प्रहलाद मेरा पुत्र नारायणा नारायणा हरि दीन दयाला [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नारायणा नारायणा नारायणा हरि केशव कृपाला नारायणा [संगीत] [संगीत] ताम सहस्त्र रूप अनेक श्री नारायण विष्णु [संगीत] हरि क में तुम्हारा वास है संकट विमोचन [संगीत] पीतांबरी नारायणा नारायणा हरि श्री श्री पाला नारायणा नारायणा नारायणा हरि श्री श्री पाला नारायणा नारायणा नारायणा हरि श्री श्री बाला [संगीत] नारायणा मेरा पुत्र जीवित है मेरा पुत्र सुरक्षित है स्वामी सुरक्षित है प्रहलाद [संगीत] सत्य की पुण्य अग्नि में बड़ी से बड़ी बुराई भी जलकर भस्म हो जाती [संगीत] है

हे राम हे राम Hey Ram Hey Ram Best Shree Ram Dhun by Anup Jalota Pen Bhakti

हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे नाम एक धागे में पिरोता है जन जन के मन को राम का नाम एक धागे में पिरोता है जन जन के मन को राम का नाम रा हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] राम तू ही माता तू ही पिता है तू सर्वस्व तू बंधु सखा है तू ही माता तू ही पिता है तू सर्वस्व तू बंधु सखा है हर कारण का तू ही कारक तुझको ही ध्या जग बारंबार हर कारण का तू ही कारक तुझको ही ध्या का जग बारंबार तुझको ही ध्या जग बारंबार हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] [संगीत] नाम तीरथ सारे है इराम ही अंत घड़ी मुख बोले राम ही तीरथ चारे है एक राम ही अंत घड़ी मुख बोले राम ही जग के प्रपंच तो एक तरफ है एक तरफ है राम का नाम ही जग के प्रपंच को एक तरफ है एक तरफ है राम का नाम ही एक तरफ है राम का नाम ही हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] नाम तेरे नाम से मन को शांति जीवन को मिल ता भी श्याम तेरे नाम से मन को शांति जीवन को मिलता विश्राम हृदय की गहराइयों में है राम सब में समाए हैं अपने राम हृदय की गहराइयों में हैरा सब में समाए हैं अपने राम सब में समाए हैं अपने राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] ना जाने अनजाने तो जबे हर जिव्या अपने राम का नाम जाने अनजाने को जपे रन जि अपने राम क नाम दुख सुख की माया दिखलाती जन जन को जग में सियाराम दुख सुख की माया दिख ते जन जन को जग में सियाराम जन जन को जग में सियाराम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे [संगीत] [संगीत] नाम जन्म जन्म से गूंज रहा है इस ब्रह्मांड में राम का नाम जन्म जन्म से गूंज रहा है इस ब्रह्मांड में राम का नाम जिस जिसने जपा भक्ति भाव में तनमय होकर राम का नाम जिस जिसने जपा भक्ति भाव में तनमय होकर राम का नाम मय होकर राम का नाम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे जय जय राम सियाराम जय जय राम सियाराम जय जय राम सियाराम जय जय राम सियाराम

ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...