Saturday, 27 December 2025

दुर्योधन की प्रसन्नता का कारण क्या था Mahabharat Best Scene B R Chopra Pen Bhakti

[प्रशंसा] महाभारत दुर्योधन पुत्रीय दिन कैसे लग रहे हैं एक नवीन आनंद का अनुभव कर रहा हूं मामा श्री अब तुम्हारे और हस्तिनापुर के युगराज पद के बीच केवल तीन दिन की दूरी रह दुर्योधन केवल तीन दिन की और ये और ये तीन दिन की दूरी दूरी नहीं होती यदि तुम चाहो यदि तुम चाहो तो उस तीसरे दिन को हाथ बढ़ाकर छू सकते हो जो तुम्हारे भविष्य का द्वार बाल बनने वाला है दुधन आंखें बंद करके कल्पना करो वोला ग्रह य धा जल रहा है वो पांचों कुंती पुत्र पांचों कुंती पुत्र एक चूहे की भांती इधर-उधर भागते किसी बिल को खोज रहे हैं परंतु उन्हें बिल नहीं मिलेगा बिल नहीं मिलेगा क्योंकि क्योंकि पुरो चर ने उस ला शक्र में बिल बनाया ही नहीं पुचन ने उस लाग में बिल बढाया ही नहीं तुम इतनी रात गए इतनी रात गए कष्ट देने के लिए क्षमा चाहता हूं परंतु समाचार ही ऐसा है जो शीघ्रता की मांग कर रहा है क्या समाचार लाए गंधार नरेश ने काले पाक की चौदस को लाक्षागृह में आग लगाने का निर्णय लिया है यह समाचार तुम्हें कहां से मिला भीलो के उस परिवार से जो इस अशुभ कार्य मेंच का सहयोगी है और आग लगाएगा कौन स्वयं पुचन तुम तुरंत वारणा चले जाओ और युवराज कुमार से कह दो कि काले पाक की चौदस अमावस की रात है और वह एक रात पहले ही उजाले का मुख देखे जो आ गया महाराज [संगीत] उन्होने काले पाक की चौदस को लाक्षागृह में आग लगवाने का निर्णय लिया है युवराज और विदुर जी ने कहा है कि आप एक रात पहले उजाले का मुह देखे काले पाक की चौदस जी युवराज ठीक है तुम जाकर हमारे सेवकों में मिल [संगीत] जाओ और विश्राम करो जो आ गया युवराज [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] कनिक कुमार आप आखेट को जाइए अश्व रोहन कीजिए यह कोई घूमने फिरने की जगह नहीं है मैं यहां काम कर रहा हूं क्षमा चाहता हूं मैं ब्रता श्री युधिष्ठिर का संदेश लेकर आया हूं तो बातों में समय क्यों खोटा कर रहे हैं कुमार संदेशा दीजिए कि मैं अपने कार्य में लग जाऊं तुम्हें कुमारों से बात करना नहीं आता है खनिक मुझे विदुर जी ने कुमारों से बात करने के लिए नहीं भेजा है कुमार मैं अच्छी बात नहीं करता मैं अच्छी सुरंग खोदता हूं भ्राता श्री ने कहा है कि काले पाक की चौदस से एक दिन पहले यह कार्य समाप्त होना चाहिए क्योंकि हम लोग एक रात पहले ही इस लाक्षा ग्रह में आग लगा के निकल जाना चाते अर्थात हमारे पास अब केवल दो दिन है केवल दो दिन यदि आप कार्य समाप्त करने का अवसर प्रदान करेंगे तो मैं यह कार्य कल रात तक समाप्त कर सकता हूं युवराज से कह दीजिएगा कि सुरंग का मुंह उन्हीं के कक्ष में खुलेगा आधी रात के उपरांत [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] प्रणाम महारानी प्रणाम युगराज हम आपके बड़े आभारी यह आप क्या कह रहे हैं युवराज राष्ट्र की रक्षा सुरक्षा केवल राजा और राजकुमारों ही का कर्तव्य नहीं है मातृभूमि की रक्षा सुरक्षा का ध्यान रखना हर नागरिक का कर्तव्य है राजा और राजकुमार भी नागरिक ही होते हैं और यदि वोह नागरिक नहीं होते तो उन्हें नागरिक होना चाहिए यह सुरंग तैयार है इसका मुंह छिपा लीजिए और इस सेवक को आज्ञा दीजिए [संगीत] महाभारत महाभारत महा भारत महाभारत हो महा भार [संगीत]

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