Sunday, 4 January 2026

शिशुपाल ने श्री कृष्ण का अपमान क्यों किया था Gautam Rode Suryaputra Karn Episode Pen Bhakti

[संगीत] ए मनुष्य एक जीव होते हुए से भिन्न है क्यों करण मनुष्य जीवन समाप्त होने के पश्चात भी जीना चाहता है और इसका केवल एक ही मार्ग है [संगीत] सम्मान जो मनुष्य की मृत्यु के पश्चात भी जीवित राहत है उसे सम्मान को अपने के लिए मनुष्य वर्षों प्रयास और परिश्रम करता है और ऐसे में शत्रु के लिए सबसे सरल लक्ष्य बन जाता है [संगीत] परंतु कर्म करने से पूर्व [संगीत] परिणाम पर एक बार विचार अवश्य कर लीजिएगा वर्षों से संचित शत्रु के मां को भांग करके आपको संतोष अवश्य मिल सकता है पांटू वो शत्रु अपने जीवन के शेष हर पाल उसे अपमान के प्रति उत्तर में लगा देता इसीलिए सावधान रहे किसी का अपमान करना स्वयं आपके लिए भी हानिकारक सिद्ध हो सकता है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] अनुराधा [संगीत] [हंसी] [संगीत] राष्ट्रपति यो की एक पत्नी को [प्रशंसा] [संगीत] फिर भी तुम्हारा जन्म यज्ञ की अग्नि से हुआ है तो तुम्हें यज्ञ पुत्री का सकता हूं बहुत यदि उद्गम की है तो आपके जन्म के सत्य से भी परिचित हैं घाटपुत्र [संगीत] कर दो [संगीत] उन्हें आमंत्रित करना चाहता हूं जो आर्य व्रत के सर्वश्रेष्ठ पुरुष हैं जिनके करण यह यज्ञ संपन्न हुआ [संगीत] है वासुदेव कृष्णा [संगीत] अब समय [संगीत] ए गया है [संगीत] [संगीत] भैंस को सर्वश्रेष्ठ नहीं मानता अगर पूजा किसकी की जाए वह यज्ञ है आप अपनी मर्यादा से बाहर [संगीत] की बात मत करना युधिष्ठित है [संगीत] मर्यादा होने का दम है उसमें नहीं हो सकता हो भी तो किस बात का [संगीत] के [संगीत] लाने से कुछ नहीं होगा सत्य पहाड़ों के पास कहानी [संगीत] दान में मिले राज्य को प्रकार शोर होने का ब्रह्म तो नहीं तुझे जरासंध को चल से करने के पश्चात स्वयं को नया सेल खाने का स भी नहीं केवल शरीर ही बड़ा पाया है साहस भी है अगर साहस है उठाओ आप अतिथि हैं छे दिन क्यों दाल रहे हैं जब उसने एक स्त्री को पांच पुरुषों में बांटने का आदेश दिया स्त्रियों का सम्मान करना सीखो शीशपाल ये मत भूलो की तुम भी एक नई की कोक से जन्म [हंसी] वासुदेव बोले हर का सबसे बड़ा पाखंडी मुझे सिखाएगा इसका सम्मान रखना वाले तू जानता है तेरा नाम कृष्णा क्यों पड़ा क्योंकि तू है ही मां का कल तेरे माता-पिता ने तुझे जन्म देते ही इसलिए त्याग कर्म से गोकुल पहुंचा तो तेरे आप गए थे की तू कल वही किया तूने [संगीत] एक समाज होती है अरे जो सत्य है तू खाने में जीव को लॉज कैसे ढूंढ रहा है सब जानते हैं की जीव पर राज वृंदावन में रस राजा संसार जानता है कमी है तू कम ही उनका झांसा देकर स्त्रियों को तड़प रहा वो मुझे स्त्रियों का सम्मान करना शिखा रहा है क्या क्या नहीं किया तूने भांग करती स्त्रियों के वास्तव में चौराहा महिलाओं को मोहित करके उनका चरित्र वतन तूने किया [संगीत] अरे गोकुल की विवाहित महिलाओं को मोहित करके उनका चरित्र वतन तूने किया मैं सावधान करता हूं तुम्हें मेरे ठहर की परीक्षा ना लो शिशुपाल अपनी सीमा में रहो [संगीत] [संगीत] अरे तुम मेरा टूट गया [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [हंसी] मुझे अरे युद्ध भूमि छोड़कर भागने वाला कर है यह रन छोड़ है तो उठाइए क्या करेगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] इनका नस करने के लिए अपना बाद व्यर्थ मत कर इनकी जीव स्वयं इनके नस का करण बन जाए [संगीत] ऐसे बालक योद्धाओं को तू अपने चल से बचाने कर सकता है [संगीत] या फिर तेरे इन 10 पांडवों को नहीं [संगीत] इस कृष्णा [संगीत] [संगीत] सो आई एम से कुछ होता नहीं है बैठे रहो अपने मामा को उतरी है पकड़ कर [संगीत] मां का पाखंड करने वाले को उसका उचित स्थान दिखाकर रहूंगा मैं [संगीत] 2000 भोला हजार रानियां से जब तेरा मां नहीं भारत तो तू पांचाल चला गया [संगीत] संबंध है किसी से छिपा नहीं है पांचाली का विवाह तूने जानबूझकर इन पांडवों से करवाया की तू जानता है ये मूर्ख कभी तेरा विरोध नहीं करेंगे [संगीत] है तू ये मैं बड़ी माफी जानता हूं पर स्त्री गण करने वाला पापी नहीं महात्मा की है तू [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] तुम्हारे पापोन की सीमा समाप्त हुई और मेरी सहनशीलता भी [संगीत] [संगीत] तुम्हारे पापोन की सीमा समाप्त हुई और मेरी सहनशीलता [संगीत] तुम्हें जो वरदान मिला उसे प्रकार तुम अमर भी हो सकते थे मृत्यु का भाई नहीं था [संगीत] इसलिए संसार और मानवता की भलाई के लिए उसके कल्याण के लिए तुम वो कार्य कर सकते थे जिनके लिए तुम्हारा नाम सदा स्मरण किया जाता शिशुपाल परंतु शक्ति [संगीत] तुम्हारा अंत तुम्हारी मृत्यु तुम्हारे समक्ष [संगीत] मैं [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] दोस्तों नहीं तुम केवल एक अपराधी हो जिसे बार-बार सावधान करने के पश्चात भी वो नहीं माना तुमने ना केवल [संगीत] तुम्हारी सहायता करना एक अपराध है जो मैं नहीं करूंगा [संगीत] [संगीत] यही तुम्हारे पापोन और अपराधों का अंत है और तुम्हारे दुखों से [संगीत] तुम्हारी मुक्ति भी अनर्थ जी अतिथि के केवल अपमान से यज्ञ भांग हो जाता है वहां उसका वध कर दिया आपने [संगीत] भांग कर दिया आपने [संगीत] इस इंद्रप्रस्थ को श्रापित कर दिया [संगीत] दूसरा अतिथि अपनी सीमा और मर्यादा का उलझन बार-बार समझने के पश्चात भी कर रहा था इसीलिए प्रैंक होने से पूर्व उसने अपना अतिथि का पद तीसरा उसने अपराध किया जिसका उसे दंड मिला और चौथ जहां अपराधी को मुक्ति में वह स्थान श्रापित नहीं सम्मानित होता है दुर्योधन [संगीत] विश्वास ना हो तो अपने मित्र अंग्रेज से पूछ [संगीत] कहा है तुम्हारी एक फूल हस्तिनापुर का गौरव सदा के लिए नष्ट कर देगी जादू मैं शांत नहीं रहूंगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] मैं तो मेरी बात समझना की कोशिश कर [संगीत] [हंसी] रहा है [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत]

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

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