Wednesday, 31 December 2025

भोले बाबा और बाल हनुमान का अद्भुत मिलन Ishant Sankat Mochan Mahabali Hanuman 333 Pen Bhakti

[संगीत] [संगीत] ओ [संगीत] हर हर महादेव देव हर हर महादेव प्रणाम देवेश्वरी [संगीत] कल्याण [संगीत] मस्त क्या हुआ देव गणों [संगीत] आप सब चिंतित प्रतीत हो रहे हैं माते हनुमान के साथ जो घटित हुआ उसी के कारण हम सब चिंतित माता हनुमान संकट में है जिन शक्तियों के द्वारा उसने बड़े-बड़े असुरों का संहार किया है वह शक्तिया छिन गई है उससे देवेश्वरी समस्त असुर हनुमान के शत्रु बन चुके हैं और हनुमान को पुनः शक्तिया प्राप्त होने में अभी बहुत समय शेष ऐसे में हनुमान उन मायावी आसुरी शक्तियों से स्वयं की रक्षा कैसे कर पाएगा इसी चिंता के निवारण हेतु हम महादेव की शरण में आए वायु देव आप तो हनुमान के जन्म में सहायक बने देवी अंजना के गर्भ में आपने महादेव का अंश स्थित किया इतना करने मात्र से ही आप हनुमान से अत्यधिक प्रेम और लग गाव करने [संगीत] लगे तो विचार कीजिए हनुमान तो स्वामी के अंश है उन्हें कितना प्रेम होगा हनुमान से आप इतने चिंतित हो रहे हैं तो महादेव तो जगत पिता है वो कितने चिंतित हो रहे होंगे हनुमान के लिए आप सत्य कह रही है महादेवी त्रिलोकीनाथ महादेव तो वैसे भी समर्थ संसार की चिंता रखते हैं और हनुमान वो तो उनका अंश है सत्य है देव राजेंद्र आप देव गणों के आने से पूर्व ही महादेव हनुमान को इन कठिन परिस्थितियों से उबारने के लिए चले [संगीत] गए ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओ नम [संगीत] शिवाय [प्रशंसा] [संगीत] अ [संगीत] [संगीत] ओम नमो शिवाय नमो नमो नमो य नमो शिवाय नमो नमो [संगीत] नम नम शिवाय प्रिय [संगीत] शशक तुम्हारा प्रणाम स्वीकार है मुझे क्या तुम मेरा एक कार्य करोगे [संगीत] तुम्हें बस इतना करना है कि किसी भी प्रकार से तुम हनुमान को यहां ले [हंसी] [संगीत] आओ मां आपके कहने पर हनुमान ने पूर्व काल के विषय में सोचना बंद कर दिया है [संगीत] परंतु मुझे आप दोनों से एक वचन चाहिए कि आप दोनों कभी दुखी नहीं होंगे आपके मुख को मैं प्रसन्न चित देखना चाहता हूं पिताश्री आप हनुमान को देखकर गर्व से भर उठते थे किंतु मुझे आपके श्री मुख पर मलिन दिखाई दे रही [संगीत] है क्या हनुमान से कुछ अनुचित हुआ है नहीं पुत्र तुमने कोई अनुचित कार्य नहीं किया बस समय अनुकूल नहीं है नियति की ईश्वर के विधान की एक बड़ी क्रीड़ा है यह भगवान एक द्वार बंद करता है तो दूसरा खोल देता है समय कभी एक सा नहीं रहता समय के बदलते ही परिस्थितियों के अनुकूल होते ही ईश्वर की असीम कृपा की वर्षा होने लगती [संगीत] है और फिर इंसान की झोली छोटी पड़ जाती है यह कठिन परिस्थिति भी बदल जाएगी ईश्वर की कृपा पुनः [संगीत] होगी [संगीत] शशक मां वो देखिए [संगीत] शशक मां यह शशक हनुमान से मित्रता करना चाहता है क्या मैं इसे अपने साथ रख [संगीत] लूं मेरे पास आओ मित्र [संगीत] शशक अरे मित्र शशक मैं तुम्हारा मित्र हूं [संगीत] रुको कहां जा रहे हो तुम रुक [संगीत] जाओ ओहो रुक जाओ मित्र शशक मैं तुम्हें अपने हाथों से हरी हरी कोमल ग्रास खिलाऊंगा मित्र रुक जाओ इस शशक ने यहां आकर कैसे मेरे हनुमान की शिथिल हुई दे को ऊर्जा से भर दिया कितना प्रफुल्लित लग रहा है मेरा पुत्र हां प्रिय बहुत समय के पश्चात हनुमान के मुख पर प्रसन्नता देख रहा हूं मेरी बात मान जाओ शशक मैं तुम्हें बहुत प्रेम से रखूंगा इधर आओ मेरे पास हनुमान अंजना रुक जाओ अंजना मत रोको उसे बहुत समय के पश्चात हनुमान को क्रीड़ा का आनंद मिल रहा है आनंद लेने दो [संगीत] उसे अरे युवराज आज शशक के साथ क्रीड़ा कर रहे हैं चलो अपना कार्य करते हा चलो [संगीत] चलो [संगीत] अच्छा हनुमान से [संगीत] [संगीत] चतुराई रुक जाओ मित्र अच्छा बहुत स्फूर्ति है ना तुम में किंतु हनुमान की स्फूर्ति से अभी तुम्हारा परिचय नहीं हुआ है रुको रुक जाओ स्वामी यह क्या हो गया है मेरे हनुमान सूर्यदेव को लील लेने वाला हनुमान वायु देव की गति से भी तीव्र उड़ने वाला हनुमान आज छोटी सी शशक को नहीं पकड़ पा रहा है चिंता मत करो प्रिय प्रभु की लीला प्रभु ही [संगीत] जाने मित्र शशक रुक जाओ मैं क्लांत हो रहा [संगीत] हूं मित्र शशक कहां हो तुम मित्र [संगीत] शशक अच्छा तो तुम मुझे चुनौती दे रहे हो तो ठीक है बहुत उछल रहे हो ना तुम किंतु हनुमान तुम्हें एक ही उछाल में पकड़ [संगीत] लेगा माते अब तो हनुमान को यह जान लेना चा कि अब व पहले जैसा महाबली दिव्य शक्ति संपन्न हनुमान नहीं रहा अब वो केवल एक साधारण वानर बालक है हनुमान साधारण बालक नहीं है अंश है वह महादेव और महादेव उसे निर्बल कैसे रहने देंगे शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करेंगे उसे ताकि व पुनः अपने कर्तव्य मार्ग पर णता से आगे बढ़ [संगीत] सके हनुमान उड़ क्यों नहीं पा रहा शक्ति हीनता का भी अनुभव हो रहा है मुझे क्या हुआ है हनुमान [संगीत] को [संगीत] [हंसी] [संगीत] आ [संगीत] [संगीत] हो [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] रे ना रे गाना रे ना भोले बाबा [संगीत] आप चरण वंदन बोले बाबा [संगीत] ले बाबा हनुमान को ज्ञात था कि आप उसे इस असमंजस की स्थिति से उभारने अवश्य आएंगे कोई नहीं बता रहा है कि मेरे साथ क्या हुआ है मां ने कहा है मैं कुछ स्मरण करने की चेष्टा ना करू तो मैंने स्मरण करने की चेष्टा नहीं की परंतु कोई तो मुझे बता मेरे साथ क्या हुआ है मुझे शक्ति हीनता का आभास हो रहा है पिताश्री ने भी कहा था कि अब आप ही मुझे दिशा निर्देश देंगे भोले बाबा आप मेरी सहायता [संगीत] कीजिए मुझे इस संकट से उबार मेरी सहायता कीजिए भोले [संगीत] बाबा ओम नमो शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः [संगीत] शिवाय [संगीत] कैसा अद्भुत दृश्य है ये सृष्टि में जो आज तक घटित नहीं हुआ वो आज हो रहा है त्रिलोकी नाथ आज पहली बार किसी के समक्ष अपने घुटनों पर बैठी एक पिता का अपने पुत्र के प्रति सच्चा प्रेम है [संगीत] ये सौभाग्य है हमारा जो प्रभु के ऐसे दिव्य और भव्य दर्शन हो रहे हैं भोले बाबा मैं तो आपकी शरण में [संगीत] हूं [संगीत] शिवाय आओ [संगीत] हनुमान [संगीत] मैं उस सुख से परिचित हूं जिसमें हनुमान खोया है देवेश्वर के वक्ष का यह दिव्य स्पर्श उनके स्नेह सागर में डुबा देता है नारायण नारायण माते किस विचार से आपके मुख का भाव परिवर्तित हो गया जन्म जन्मांतर के लिए आत्मा को तृप्त करने वाले सुख में लीन है हनुमान अपने मूल अपने पिता प्रभु महादेव के स्नेह आलिंगन से प्रथक होना रुद्रांश हनुमान के लिए अत्यधिक कठिन है धन्य है हनुमान सहस्त्र वर्षों के कठोर तप के बाद भी बड़े सौभाग्य से ही ऋषियों मुनियों का प्रभु से मिलन हो पाता है उन्हीं जगतपिता महादेव के दर्शन का पुण्य प्रसाद हनुमान को इतनी सहजता से प्राप्त हो [संगीत] गया [संगीत] हे भोले बाबा हे जगतपिता हनुमान को सदैव अपने वक्ष से लगाए रखिएगा ऐसा परम सुख और कहां ताल तलैया पुष्प तरुवर धरती अंबर हिम कर दिन रुक रुक देखे दृश्य विहंगम शिव शिवांश का अद्भुत संगम जो देखे अचरज कर लागे शिव घुटनों पे कप के आगे हनुमत को खोया बल देने आए जग पिता संबल दे गाधा महाबली हनुमत की रुच कर लीला राम भगत की जय जय जय रघुनंदन राम जय जय जय महाबली [संगीत] हनुमान [संगीत] भोले बाबा क्या था वह व क्या था आपके हृदय से लगकर जिसका अनुभव हुआ हनुमान को ऐसा अनोखा अद्भुत सुख जिसका वर्णन असंभव है आ से तनिक दूर होते ही हनुमान ने उसे खो दिया और हनुमान का हृदय उन अत्यंत विचलित क्यों होने लगा वो तुम्हारी आत्मिक शांति थी पुत्र जिसका क्षणिक अनुभव अभी मेरे स्पर्श से तुम्हें हुआ तुम्हें सदैव यह परम सुख प्राप्त हो तुम्हारी व्याकुलता दूर करने तुम्हे शक्ति समर्थ बनाने आया हूं मैं स्वयं को भूल चुके हो हनुमान अपने आत्म बल और आत्मविश्वास से वंचित हो गए हो हनुमान परंतु मैं तुम्हें अपनी आंतरिक शक्ति जागृत करना सिखाऊंगा [संगीत] यदि तुम ईश्वर की ओर शुद्ध मन से देखोगे तो ईश्वर भी तुम्हें अवश्य देखेंगे

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ॐ जय शिव ओंकारा आरती Sawan Special Om Jai Shiv Omkara हर हर महादेव Pen Bhakti

[संगीत] [प्रशंसा] ओम जय शिवा ओंकार स्वामी जय शिवा प्रभु जय शिवा ओमकारा [संगीत] ओम जय शिवा ओंकार [संगीत] [संगीत] हंसते गरुड़ तन हर...